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UP Politics : राहुल गांधी की चुनौती पर केशव मौर्य का पलटवार, बोले- प्रधानमंत्री को चुनौती देने की उनकी हैसियत नहीं

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उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई चुनौती पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अहंकार के आकाश में बैठे हैं और उनमें देश के प्रधानमंत्री को चुनौती देने की हैसियत नहीं है। मौर्य ने कहा कि जनता ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया है और चौथी बार बनाने की तैयारी में है। इस तरह की चुनौती का कोई औचित्य नहीं है।

राहुल गांधी की चुनौती पर क्या बोले केशव मौर्य?

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की चुनौती दे रहे हैं और जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका जवाब जनता की अदालत में मिलेगा। जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका हिसाब देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता का भरपूर समर्थन मिला है।

अखिलेश यादव के बयान पर भी किया पलटवार

अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की संभावना नहीं है और भाजपा सत्ता से बाहर नहीं होने जा रही है। इसी वजह से अखिलेश यादव ने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल पहले से शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की संभावना नहीं होने के कारण अखिलेश यादव की मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद भी पूरी नहीं होगी। मौर्य ने यह बातें राजनीतिक बयानबाजी के दौरान कहीं।

राहुल गांधी ने दी थी खुली बहस की चुनौती

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बीत चुके हैं और वह अभी भी अपने प्रस्ताव पर कायम हैं। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा अक्सर विपक्ष पर देशद्रोह जैसे आरोप लगाते हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर देशद्रोही कौन है, किसका विदेशी ताकतों से संबंध है और किस प्रकार का संबंध है। उन्होंने कहा कि मंच, स्थान और निर्णायक कोई भी तय कर सकता है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि यदि भाजपा चाहे तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को भी निर्णायक बनाया जा सकता है।

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