अंतरराष्ट्रीय

Bangladesh में Garment कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी

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बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग के कर्मचारी पिछले तीन दिनों से उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने राजमार्गों को जाम कर दिया, पुलिस की गाड़ियों समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की, पुलिस के साथ झड़पें कीं, एक गोदाम को जला दिया और एक फैक्ट्री में तोड़फोड़ की। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हो रहे इन हिंसक प्रदर्शनों के कारण देश के महत्वपूर्ण विनिर्माण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ठप हो गया है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहे ये प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहे हैं जब देश लंबे समय से आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। साथ ही, ये प्रदर्शन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में निर्वासन से बांग्लादेश लौटने की घोषणा के ठीक पहले हो रहे हैं। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान महज 3.4% लगाया है, जो 2020 (कोविड के साल) के बाद से सबसे धीमी विकास दर है। बढ़ती महंगाई और स्थिर वेतन के बीच जब मजदूर सड़कों पर उतरे, तो सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग और “सीमा पार के कुछ लोगों” पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।

31 अक्टूबर से बांग्लादेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गारमेंट कर्मचारियों और पुलिस के बीच झड़पें, आगजनी और सड़कें जाम करने की घटनाएं हो रही हैं। अक्टूबर के दूसरे हिस्से में कई प्रदर्शनों के बाद, सप्ताहांत (वीकेंड) पर यह अशांति और बढ़ गई। ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के सबसे बड़े रेडीमेड गारमेंट केंद्रों में से एक, गाजीपुर में 31 अक्टूबर को कर्मचारियों ने ढाका-तंगेल राजमार्ग को जाम कर दिया और पुलिस के साथ कई बार उनकी झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसमें कम से कम 30 लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक गाड़ी समेत 15 वाहनों में तोड़फोड़ की। अगले दिन ढाका के मीरपुर में हिंसा और तेज हो गई, जहां कर्मचारियों ने मीरपुर-10 चौराहे को जाम कर दिया और पुलिस से भिड़ गए। ‘प्रोथोम आलो’ और ‘यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ बांग्लादेश’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस, वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। मीरपुर-11 मेट्रो स्टेशन के नीचे पुलिस की एक गाड़ी में आग लगा दी गई, जबकि मीरपुर और पल्लबी के स्टेशनों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया।

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