उत्तर प्रदेश

स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी: यूपी की 251 मंडियों की बदली सूरत, अब 6 से 8 नवंबर तक मनेगा भव्य दीपोत्सव

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 उत्तर प्रदेश में कृषि बाजारों की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक चल रहे ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान ने प्रदेश की 251 मंडियों को नया रंग-रूप दे दिया है। गंदगी और बदहाली का शिकार रहने वाली इन मंडियों में अब साफ-सुथरे नीलामी चबूतरे, रोशन रास्ते, संवरे हुए किसान विश्राम गृह और दुरुस्त पेयजल-शौचालय व्यवस्था नजर आने लगी है।

इस अभियान के तहत मंडियों के प्रवेश द्वारों, कार्यालयों और चारदीवारी की रंगाई-पुताई का काम मुस्तैदी से कराया गया है। साथ ही झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई और अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह हटवाकर समितियों से प्रमाण-पत्र भी लिए गए हैं। हाईमास्ट लाइटों और अन्य प्रकाश उपकरणों के दुरुस्त होने से अब रात के वक्त भी पूरा मंडी परिसर जगमगा रहा है।

दीपोत्सव से जगमगाएगी मंडियां

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के इस महाअभियान को अब दीपोत्सव के जश्न से जोड़ दिया गया है। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ किया है कि आगामी 6, 7 और 8 नवंबर को प्रदेश की सभी मंडियों में तीन दिनों तक भव्य दीपोत्सव मनाया जाएगा। दीपों की रोशनी के बीच यह आयोजन किसानों और व्यापारियों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि का संदेश लेकर आएगा। याद रहे कि मंडी परिषद ने 24 सितंबर से इस अभियान की शुरुआत की थी, जिसमें दीवारों पर पेंटिंग के जरिए सरकार की कृषक कल्याणकारी योजनाओं को भी दर्शाया गया है।

20 मानकों पर ई-रेटिंग और ऑनलाइन पहरा

मंडियों में सफाई कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए एक हाई-टेक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है। इस पर रोजाना की सफाई, कचरे की मात्रा, काम कर रहे मजदूरों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और खर्च का पूरा लेखा-जोखा ऑनलाइन दर्ज हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी 20 कड़े मानकों पर मंडियों की ई-रेटिंग कर रहे हैं, और जीपीएस आधारित फोटोग्राफ्स के जरिए मुख्यालय से हर गतिविधि पर सीधी नजर रखी जा रही है।

अव्वल रहने वाली मंडियों को मिलेगा पुरस्कार

कर्मचारियों और अधिकारियों में काम को लेकर होड़ मचे, इसके लिए मंडियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा भी कराई जा रही है। शानदार प्रदर्शन करने वाली पहली मंडी समिति को 2 लाख रुपये, दूसरी को 1 लाख रुपये और तीसरी आने वाली मंडी को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इस पूरे अभियान में कुल 12,389 सफाई कर्मियों ने दम दिखाया है, जिनके साथ 1,446 से ज्यादा ट्रैक्टर और 6,527 उपकरण इस काम में झोंके गए हैं।

मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने दो टूक निर्देश दिए हैं कि मंडियों में साफ-सफाई, लाइट और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सिर्फ अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हर रोज की कार्यसंस्कृति का हिस्सा बननी चाहिए ताकि लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई हो सके।

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