उत्तर प्रदेश

यूपी की बिजली कंपनियों में 6 साल से भर्ती बंद, 3.80 करोड़ उपभोक्ताओं की सेवा पर सवाल; उपभोक्ता परिषद ने CM योगी से की बड़ी मांग

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियों में लंबे समय से नियमित भर्ती नहीं होने का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा की सर्वोच्च राज्य सलाहकार समिति की बैठक में बिजली कंपनियों में कर्मचारियों की कमी को गंभीर विषय बताते हुए तत्काल नियमित भर्ती शुरू करने की मांग की है।

परिषद का कहना है कि प्रदेश में 3 करोड़ 80 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि बिजली कंपनियों में नियमित कर्मचारियों की संख्या इसके मुकाबले काफी कम है। कर्मचारियों की कमी का असर उपभोक्ता सेवाओं, बिजली आपूर्ति के संचालन और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर पड़ रहा है।

छह साल से नियमित भर्ती का इंतजार

उपभोक्ता परिषद के मुताबिक, प्रदेश की बिजली कंपनियों में करीब छह वर्षों से नियमित भर्ती नहीं हुई है। परिषद ने यह भी कहा कि विद्युत विभाग में भर्ती के लिए अपना विद्युत सेवा आयोग मौजूद है, ऐसे में नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।

परिषद ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि बिजली एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा है। इसलिए बिजली व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित और नियमित कर्मचारियों की उपलब्धता जरूरी है।

3.80 करोड़ उपभोक्ताओं के मुकाबले सिर्फ 26 हजार नियमित कर्मचारी

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश की बिजली कंपनियों में करीब 26 हजार नियमित कार्मिक ही कार्यरत हैं। इसके मुकाबले प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 3.80 करोड़ से अधिक है।

परिषद के अनुसार, नियमित भर्तियां नहीं होने से कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसका असर उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और शिकायतों के समय पर समाधान पर भी पड़ सकता है।

स्वीकृत रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की मांग

उपभोक्ता परिषद ने नियमित भर्ती नहीं होने को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवा में पर्याप्त मानव संसाधन होना बेहद जरूरी है। परिषद ने प्रदेश सरकार से इस दिशा में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

CM योगी से परिषद की सीधी मांग

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि बिजली कंपनियों में मौजूद सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

परिषद का कहना है कि इससे बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता मजबूत होगी, कर्मचारियों पर बढ़ता कार्यभार कम होगा और प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button