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UP में 50 हजार बेटियों को मिलेगी फ्री स्कूटी, BJP को होंगे 3 फायदे! जानिए किसे मिलेगी Free Scooty?

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उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले एक ऐसा दांव खेलने जा रही है, जिससे महिला वोटरों में भारी चर्चा होने वाली है। इतना ही नहीं इस दांव से महिला वोटरों को साधने में बीजेपी को फायदा भी मिलेगा। दरअसल, यूपी सरकार इस साल 50 हजार से ज्यादा मेधावी बेटियों को फ्री इलेक्ट्रिक स्कूटी देने की तैयारी में है। 2022 के वादे को पूरा करने के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट भी तैयार कर लिया गया है। बता दें कि ये कोई साधारण योजना नहीं है.. भाजपा ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी वितरण योजना’ के जरिए बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश दे रही है।

योजना के तीन बड़े फायदे

इस योजना से सरकार को तीन मुख्य फायदे मिलने की उम्मीद है। दरअसल, यूपी में कुल 13.40 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 6.09 करोड़ महिलाएं हैं। फ्री स्कूटी देकर सरकार महिला वोटरों तक अच्छा संदेश पहुंचाना चाहती है। दूसरा फायदा यह है कि स्कूटी पाने वाली ज्यादातर लड़कियां 2027 में पहली बार वोट डालेंगी। बेटियों के जरिए ‘अच्छी सोच, अच्छे काम’ का मैसेज दिया जाएगा। तीसरा, विपक्ष हमेशा कहता रहा है कि भाजपा वादे पूरे नहीं करती। अब सरकार इस आरोप का जवाब देने के लिए तेजी से काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले एक ऐसा दांव खेलने जा रही है, जिससे महिला वोटरों में भारी चर्चा होने वाली है। इतना ही नहीं इस दांव से महिला वोटरों को साधने में बीजेपी को फायदा भी मिलेगा। दरअसल, यूपी सरकार इस साल 50 हजार से ज्यादा मेधावी बेटियों को फ्री इलेक्ट्रिक स्कूटी देने की तैयारी में है। 2022 के वादे को पूरा करने के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट भी तैयार कर लिया गया है। बता दें कि ये कोई साधारण योजना नहीं है.. भाजपा ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी वितरण योजना’ के जरिए बेटियों को सशक्त बनाने का संदेश दे रही है।

योजना के तीन बड़े फायदे
इस योजना से सरकार को तीन मुख्य फायदे मिलने की उम्मीद है। दरअसल, यूपी में कुल 13.40 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 6.09 करोड़ महिलाएं हैं। फ्री स्कूटी देकर सरकार महिला वोटरों तक अच्छा संदेश पहुंचाना चाहती है। दूसरा फायदा यह है कि स्कूटी पाने वाली ज्यादातर लड़कियां 2027 में पहली बार वोट डालेंगी। बेटियों के जरिए ‘अच्छी सोच, अच्छे काम’ का मैसेज दिया जाएगा। तीसरा, विपक्ष हमेशा कहता रहा है कि भाजपा वादे पूरे नहीं करती। अब सरकार इस आरोप का जवाब देने के लिए तेजी से काम कर रही है।
पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटी?
सरकार का फैसला है कि पेट्रोल वाली स्कूटी की बजाय इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाए। इससे लड़कियों का रोजाना कॉलेज आने-जाने का खर्च कम होगा और परिवार पर बोझ भी नहीं पड़ेगा। हालांकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि गांवों में चार्जिंग की समस्या आ सकती है। फिर भी सरकार ईवी स्कूटी पर ही जोर दे रही है।

मजबूत और टिकाऊ स्कूटी का फोकस
सरकार सस्ती लेकिन मजबूत स्कूटी खरीदना चाहती है ताकि छात्राएं लंबे समय तक उसे आसानी से चला सकें। Hero, TVS, Ola और Bajaj जैसी कंपनियां बड़े ऑर्डर की उम्मीद में टेंडर का इंतजार कर रही हैं।

किसे मिलेगी फ्री स्कूटी?
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार दो मुख्य नियम बनाए जा रहे हैं:शैक्षणिक योग्यता: यूपी बोर्ड, CBSE या ICSE की टॉपर छात्राएं या फिर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में 75% से ज्यादा अंक पाने वाली लड़कियां।
आय सीमा: अमीर परिवारों की बजाय गरीब और मध्यम वर्ग की बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए परिवार की आय की सीमा तय की जा रही है।

क्यों लैप्स हुआ था बजट?
भाजपा के 2022 संकल्प पत्र में ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी वितरण योजना’ का वादा किया गया था। पिछले वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रुपये रखे गए थे, लेकिन नियमों पर सहमति न बनने से बजट लैप्स हो गया। अब नए बजट में फिर से 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

टैबलेट-स्मार्टफोन भी बांटे जाएंगे
स्कूटी के साथ ही सरकार ‘विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना’ के तहत 25 लाख से ज्यादा नए टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने की तैयारी कर रही है। अब तक 60 लाख से ज्यादा डिवाइस बांटे जा चुके हैं।

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