उत्तर प्रदेश

PM Modi ने IIT Delhi के छात्रों को दिया ‘विकसित भारत’ का विजन, बोले- जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह आज आपके परिवार वाले गर्व महसूस कर रहे हैं, वैसे ही मुझे भी आप सभी पर गर्व है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों को उनकी उपलब्धियों के लिए मेडल मिले हैं। मैं आप सभी को दिल से बधाई देता हूँ। हालाँकि, अगर उनमें कुछ और लड़कियाँ भी होतीं तो और भी अच्छा होता। माफ़ कीजिए। सिर्फ़ एक या दो ही क्यों? और भी होनी चाहिए थीं।

उन्होंने कहा कि जब भी आपको कोई चुनौती बड़ी लगे, तो घबराएं नहीं। उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लें। याद कीजिए जब सिमुलेशन में समाधान खोजने में घंटों या दिनों का समय लग जाता था, लेकिन फिर आपने समस्या को हल किया और कुछ नया सामने लाए। इसी तरह, जीवन में भी समस्याएं आएंगी, लेकिन उनके साथ-साथ नए अवसर भी आएंगे। बस आपको सतर्क रहना होगा। Life में curiosity बनाए रखिए… अपनी learning instinct को जगाए रखिए। जो बातें बिना सोचे-समझे स्वीकार कर ली जाती हैं… उन्हें परखिए। उन पर सवाल उठाइए। लेकिन सिर्फ सवाल पूछकर मत रुकिए। उनका समाधान खोजने का साहस भी रखिए।

मोदी ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि हर पीढ़ी को अपने समय की खास चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और अपनी राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी भी निभानी पड़ती है… अगले 30 से 35 सालों में आप जो कुछ भी करेंगे, उसका असर ‘विकसित भारत’ की ओर हमारे सफ़र पर पड़ेगा। इसलिए, आपके हर फ़ैसले का आधार यह भी होना चाहिए कि इससे देश को क्या फ़ायदा होगा? इससे देश की कौन-सी ज़रूरतें पूरी होंगी?

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