दिल्ली

Lenskart ने ड्रेस कोड पर विरोध के बाद माफी मांगी, अपनी स्टाइल गाइड की अपडेट, जानें पूरा मामला

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चश्मों की खुदरा कंपनी लेंसकार्ट ने एक कथित आंतरिक ग्रूमिंग दस्तावेज को लेकर सोशल मीडिया पर हुए विरोध के बाद माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने नया ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है। कंपनी ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए वह अपने दिशानिर्देशों को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रही है।

नई नीति में टीम के सदस्यों द्वारा आस्था से जुड़े सभी प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी को स्वीकार किया गया है। कंपनी ने कहा, “यदि हमारे कार्यस्थल से जुड़े किसी भी संचार से किसी को ठेस पहुंची हो या ऐसा महसूस हुआ हो कि उनकी आस्था का यहां स्वागत नहीं है, तो हमें गहरा खेद है। यह लेंसकार्ट की पहचान नहीं है और न ही कभी होगी।

यह विवाद उस समय सामने आया जब एक कथित कर्मचारी ग्रूमिंग नीति का दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें बिंदी और तिलक जैसे कुछ धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध होने का दावा किया गया था। इस पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने नाराजगी जताई और बहिष्कार की मांग की।

इस मामले पर कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल ने पहले स्पष्ट किया था कि वायरल दस्तावेज ‘पुराना संस्करण’ है और कंपनी की वर्तमान नीति को नहीं दर्शाता। उन्होंने कहा था, “यह दस्तावेज हमारी मौजूदा दिशानिर्देशों को प्रतिबिंबित नहीं करता। हमारी नीति में किसी भी धार्मिक अभिव्यक्ति, जैसे बिंदी और तिलक, पर कोई प्रतिबंध नहीं है।” उन्होंने इसको लेकर उत्पन्न भ्रम तथा चिंता के लिए खेद जताया था।

कंपनी ने अपने ताजा बयान में कहा कि उसके 2,400 से अधिक स्टोर ऐसे लोगों द्वारा संचालित हैं जो अपने विश्वास और परंपराओं के साथ काम करते हैं। बयान में कहा गया, “लेंसकार्ट भारत में बनी, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए कंपनी है।” कंपनी ने यह भी कहा कि भविष्य में उसकी हर नीति, प्रशिक्षण सामग्री और संचार समावेशी मूल्यों को दर्शाएंगे और वह ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

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