धनतेरस से पहले सोने-चांदी ने पकड़ी रफ्तार, MCX पर सोना 1.39 लाख के पार; चांदी भी चमकी

लगातार कई दिनों की गिरावट के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। धनतेरस और दिवाली से पहले कीमती धातुओं में आई इस रिकवरी ने ज्वेलरी खरीदारों के साथ निवेशकों का भी ध्यान खींचा है। हालांकि, दोनों धातुएं अभी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमकी चांदी
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोमवार को सोने और चांदी दोनों के भाव मजबूत हुए। सोना करीब 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,911.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं चांदी में 2.24 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 50.380 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, पिछले कुछ सप्ताह में कीमतों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की। इससे कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा मिला।
घरेलू बाजार में भी बढ़े दाम
वैश्विक बाजार की तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी नजर आया। घरेलू बाजार में सोने का भाव करीब 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि चांदी करीब 1.82 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती दिखी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,38,485 रुपये के मुकाबले 518 रुपये यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,39,003 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान यह 694 रुपये यानी 0.50 प्रतिशत उछलकर 1,39,179 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।
चांदी में करीब 2 फीसदी का उछाल
दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी भी तेजी के साथ खुली। यह पिछले बंद भाव 1,79,132 रुपये से 1,962 रुपये यानी 1.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,81,094 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची। कारोबार के दौरान चांदी ने 3,569 रुपये यानी 1.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,82,701 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
रिकॉर्ड हाई से अभी भी काफी नीचे
सोने और चांदी में सोमवार की तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी, लेकिन दोनों धातुओं की कीमतें अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे हैं। सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 28 प्रतिशत नीचे है, जबकि चांदी में 40 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
अमेरिकी चुनाव और वैश्विक अनिश्चितता पर नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनाव, वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और हालिया भारी गिरावट के बाद निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने सोने-चांदी को सपोर्ट दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी शेयर बाजार में हाल की भारी गिरावट से सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ी है।
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित होगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमती धातुओं में आगे भी रिकवरी देखने को मिल सकती है।



