उत्तर प्रदेश

खरगे के बयान पर सियासी घमासान : मायावती की की दोटूक- नेताओं की ‘नाक की लड़ाई’ से कमजोर होगा जनता का भरोसा

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान जारी है। इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को नसीहत दी है।

उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का स्तर अब व्यक्तिगत होकर असंसदीय और अमर्यादित बयानबाजी तक पहुंच गया है। यह देश की गरिमा और मान-मर्यादा के लिए चिंताजनक है। मायावती ने नेताओं से अपील की कि वे आपसी विवाद और व्यक्तिगत आरोपों में उलझने के बजाय गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।

‘राजनीति में बढ़ रही कटुता और अपमानजनक बयानबाजी’

मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भारतीय राजनीति में आपसी अविश्वास, द्वेष, कटुता और आरोप-प्रत्यारोप का स्तर लगातार गिर रहा है। अब यह व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया है और असंसदीय, अमर्यादित, अपमानजनक तथा जातिवाद से ग्रसित बयानबाजी के साथ हिंसक टिप्पणियों तक पहुंचना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति देश की गरिमा और मान-मर्यादा के लिए चिंता का विषय है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं को सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।

‘शीर्ष नेताओं को एक-दूसरे के खिलाफ विषैली राजनीति से बचना चाहिए’

बसपा प्रमुख ने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के बीच यदि एक-दूसरे के प्रति समुचित सम्मान नहीं है, तो कम से कम आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थपूर्ण राजनीति का प्रचलन बढ़ने से लोगों का राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है। यह देश और जनता के हित में नहीं होगा।

गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर ध्यान देने की अपील

मायावती ने कहा कि सरकारी स्तर पर व्यापक भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के कारण जनता पहले से ही बेचैन है। ऐसे माहौल में नेताओं के बीच व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की लड़ाई हालात को और जटिल बना रही है।उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि राजनीतिक दल देश में बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी ज्वलंत समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। इन मुद्दों पर ठोस पहल करने के बजाय नेताओं का एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले करना उचित नहीं है।

‘राजनीतिक माहौल को और कड़वा बनाएगी बयानबाजी’

बसपा सुप्रीमो ने सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं से अशोभनीय टिप्पणियों तथा बयानबाजी की होड़ से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक माहौल को और कड़वा व विषैला बनाएगी, जो उचित नहीं है। मायावती की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद जारी है। मायावती ने किसी दल या नेता का नाम लिए बिना राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

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