राष्ट्रीय

सारनाथ को मिली वैश्विक पहचान, यूनेस्को ने 25 नए स्थलों को विश्व धरोहर सूची में किया शामिल

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

यूनेस्को (UNESCO) ने अपनी विश्व धरोहर सूची (World Heritage List) का विस्तार करते हुए 25 नए स्थलों को शामिल किया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ, ईरान का आलमूत महल और संबंधित किला तथा जॉर्डन का अकाबा समुद्री संरक्षित क्षेत्र भी शामिल हैं।

इन स्थलों को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का निर्णय दक्षिण कोरिया के बुसान में 19 से 29 जुलाई तक आयोजित विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में लिया गया। सारनाथ को 25 जुलाई को आधिकारिक रूप से इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया।

तीन अफ्रीकी देशों के लिए भी ऐतिहासिक रहा यह सत्र

यूनेस्को के बयान के अनुसार, इस बार का सत्र कोमोरोस, साओ टोमे एवं प्रिंसिपे और दक्षिण सूडान के लिए ऐतिहासिक रहा। पहली बार इन तीनों देशों के किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला है। संगठन ने इसे विश्व धरोहर सूची को अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

छह स्थलों को संकटग्रस्त विश्व धरोहर सूची में भी किया शामिल

विश्व धरोहर समिति ने छह स्थलों को संकटग्रस्त विश्व धरोहरों की सूची में भी शामिल किया। यूनेस्को के अनुसार, इन स्थलों के असाधारण महत्व और उनके संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

इन नए स्थलों को भी मिली विश्व धरोहर का दर्जा

इस वर्ष सूची में शामिल अन्य प्रमुख स्थलों में जापान की प्राचीन राजधानियां असुका और फुजिवारा, उज्बेकिस्तान का ताशकंद मॉडर्निस्ट आर्किटेक्चर, साओ टोमे एवं प्रिंसिपे का ‘रोकास’, तथा यूनान के माउंट ओलंपस का बड़ा हिस्सा शामिल हैं।

अब 173 देशों के 1,273 स्थल सूची में शामिल

यूनेस्को ने 28 जुलाई को जारी अपने बयान में बताया कि 25 नई प्रविष्टियों के बाद अब विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थलों की कुल संख्या 1,273 हो गई है, जो 173 देशों में स्थित हैं।

इन नए स्थलों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च मान्यता मिलने के साथ-साथ संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग का लाभ भी मिलेगा।

19 सांस्कृतिक, 5 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल को मिली जगह

समिति ने आपसी सहमति से जिन 25 नए स्थलों को सूची में शामिल किया, उनमें 19 सांस्कृतिक, 5 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल शामिल हैं। इसके अलावा पहले से सूचीबद्ध दो स्थलों के दायरे के विस्तार को भी मंजूरी दी गई, जिनमें दक्षिण कोरिया का गेटबोल (कोरियाई ज्वारीय मैदान-चरण 2) भी शामिल है।

वियना का ऐतिहासिक केंद्र खतरे वाली सूची से बाहर

विश्व धरोहर समिति ने ऑस्ट्रिया के वियना के ऐतिहासिक केंद्र को संकटग्रस्त विश्व धरोहरों की सूची से हटाने का भी निर्णय लिया। समिति का अगला सत्र वर्ष 2027 में तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button