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भारत-मालदीव आर्थिक संबंधों में नया अध्याय: द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) वार्ता पूरी, अब ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) पर नजर

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भारत और मालदीव के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों को एक बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘द्विपक्षीय निवेश संधि’ (BIT) पर बातचीत को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, और अब इस समझौते के मसौदे (टेक्स्ट) का कानूनी परीक्षण (लीगल स्क्रूटनी) चल रहा है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच प्रस्तावित ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) को लेकर भी बातचीत काफी तेज हो गई है। यह प्रगति मालदीव के आर्थिक विकास, परिवहन एवं व्यापार मंत्री मोहम्मद सईद और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बीच नई दिल्ली में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सामने आई।

सईद ने कहा, “एफटीए वार्ता में तेजी से प्रगति हो रही है और दोनों पक्ष लगभग रोज बैठक कर रहे हैं। बीआईटी पर बातचीत पूरी हो चुकी है और अब कानूनी परीक्षण की प्रक्रिया जारी है।” गोयल ने कहा कि बीआईटी और बाद में एफटीए पर हस्ताक्षर से दोनों देशों के लोगों और कारोबार के रिश्तों को मजबूती मिलेगी। दोनों पक्षों ने इन समझौतों को जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में पर्यटन, स्टार्टअप, डिजिटल भुगतान और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। बीआईटी का उद्देश्य दोनों देशों में निवेश को बढ़ावा देना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यह समझौता द्विपक्षीय निवेश प्रवाह को बढ़ाने में मदद करेगा। अप्रैल, 2000 से मार्च, 2026 के बीच भारत को मालदीव से 1.26 करोड़ डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है। दोनों देशों ने सात जुलाई को एफटीए पर वार्ता का एक दौर पूरा किया। ऐसे समझौतों में आम तौर पर अधिकतर वस्तुओं पर आयात शुल्क कम या समाप्त कर दिए जाते हैं। भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 13.5 प्रतिशत बढ़कर 77.18 करोड़ डॉलर हो गया, जो 2024-25 में 69 करोड़ डॉलर था।

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