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पीएम मोदी ने महिलाओं को लिखा खास पत्र, कहा- 2029 से बदल जाएगा संसद का स्वरूप

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती के अवसर पर देश की महिलाओं के नाम एक विशेष पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) को जल्द से जल्द लागू करने के अपने संकल्प को दोहराया और 2029 के लोकसभा व विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं को आरक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने पत्र में लिखा, “देशभर की हमारी माताएं-बहनें और बेटियां साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्णय की सराहना कर रही हैं।  उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित इस महत्वपूर्ण संकल्प को साकार करने के लिए वे देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा कर रहे हैं।

अंबेडकर जयंती पर भावुक संदेश

14 अप्रैल को बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने लिखा कि यह दिन भारत के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आज भी हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।

पीएम ने आगे कहा, “संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उस पर चलते हुए 18 सितंबर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होने जा रही है।” उन्होंने संसद के आगामी सत्र में इस संवैधानिक संशोधन को पारित करने के लिए देश की करोड़ों माताओं-बहनों का आशीर्वाद मांगा।

“पूरा सदन मिलकर पारित करेगा विधेयक”

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि पूरा सदन मिलकर इस ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को पारित करेगा और विधायी संस्थाओं में देश की नारी शक्ति की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, “मैं देख रहा हूं कि इसे लेकर हर तरफ जोश और उत्साह का माहौल है। देशभर की माताएं और बहनें इस बात पर खुशी जाहिर कर रही हैं कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में, देश की नीतियों के निर्धारण में और अधिक मजबूती से अपना योगदान देने का अवसर मिलने वाला है।”

नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका

पीएम मोदी ने महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि हमारी नारी शक्ति देश के विकास में अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। वे हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रही हैं। 21वीं सदी में विज्ञान, इनोवेशन, स्टार्टअप, शिक्षा, साहित्य, कला, संगीत, सिनेमा, नृत्य और विरासत जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या और उपलब्धियां लगातार बढ़ रही हैं। कई स्टार्टअप कंपनियों में महिलाएं सफलतापूर्वक नेतृत्व कर रही हैं, जो प्रेरणादायक है।

यह पत्र बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती को महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री की नारी शक्ति के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

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