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पीएम मोदी ने की द्विपक्षीय वार्ता, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के साथ इन रणनीतिक क्षेत्रों पर बनी बात

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ओस्लो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकों में व्यापार और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने ये बैठकें तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से पहले कीं। आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रन फ्रॉस्टडॉटिर, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ अपनी बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और तीनों नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा पर चर्चा की।

नॉर्डिक देश उत्तरी यूरोप और उत्तरी अटलांटिक में स्थित एक भू-राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्र को संदर्भित करते हैं। इसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन शामिल हैं। पांचों नॉर्डिक देशों की संयुक्त जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) 1.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है और वे नवीकरणीय ऊर्जा तथा सतत समुद्री शासन के वैश्विक मानकों में अग्रणी हैं।

ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसमें मोदी और नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता एक साथ भाग ले रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए पूर्व भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन की वार्ताओं को आगे बढ़ाएगा। साथ ही यह प्रौद्योगिकी और नवाचार, हरित परिवर्तन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास, ‘ब्लू इकोनॉमी’, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों में नॉर्डिक देशों के साथ भारत की भागीदारी को अधिक रणनीतिक आयाम देगा।

PM मोदी पांच देशों के दौरे के तहत सोमवार को स्वीडन से नॉर्वे पहुंचे। प्रधानमंत्री 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर हैं। नॉर्वे से मोदी अपने दौरे के अंतिम चरण में इटली जाएंगे। रेकजाविक स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, भारत और आइसलैंड के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध हैं, और आइसलैंड के लोग योग, शास्त्रीय संगीत, नृत्य, फिल्मों और खान-पान सहित भारतीय संस्कृति में गहरी रुचि रखते हैं। वर्तमान में लगभग 600 भारतीय नागरिक आइसलैंड में रह रहे हैं।

हेलसिंकी स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट के अनुसार, भारत में फिनलैंड की 100 से अधिक कंपनियों का कारोबार है। नोकिया, कोने एलिवेटर्स, मेट्सो आउटोटेक, वार्सिला, यूपीएम, लिंडस्ट्रॉम, फोर्टम, अहल्स्ट्रॉम और एल्कोटेक जैसी बड़ी फिनिश कंपनियों के भारत में विनिर्माण संयंत्र हैं। फिनलैंड में भारतीय मूल के लगभग 33,445 लोग रहते हैं, जिनमें लगभग 15,115 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और 18,330 प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) शामिल हैं।

लगभग 2,400 भारतीय छात्र फिनलैंड के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। डेनमार्क की कई प्रमुख कंपनियों ने ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत नए विनिर्माण कारखाने स्थापित किए हैं। डेनमार्क की प्रमुख निवेश कंपनियों में एपी मोलर-मेर्स्क ग्रुप शामिल है, जो भारत के कंटेनर व्यापार का लगभग 19 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। डेनमार्क में भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 22,000 है। इनमें आईटी पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, वित्त और बैंकिंग पेशेवर, शिक्षाविद और छात्र शामिल हैं।

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