बड़ी खबरें

पाक स्ट्रेट के 29 KM को 10 घंटे में तैरकर किया पार, वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बेटे की मां ने कहा-‘कठिन प्रशिक्षण से मिली सफलता’

[tta_listen_btn listen_text="खबर सुनें" pause_text="Pause" resume_text="Resume" replay_text="Replay" start_text="Start" stop_text="Stop"]

रांची। भारत और श्रीलंका के बीच स्थित पाक जलडमरूमध्य को तैरकर पार करने वाले सात वर्षीय इशांक सिंह की मां मनीषा ने शनिवार को कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि महीनों के कठिन प्रशिक्षण और प्रतिदिन सात से आठ घंटे के अभ्यास का परिणाम है।

इशांक ने 30 अप्रैल को श्रीलंका के तलाईमन्नार से अपनी तैराकी शुरू की और 29 किलोमीटर लंबे पाक जलडमरूमध्य को 9 घंटे 50 मिनट में पार कर तमिलनाडु के धनुषकोडी पहुंचकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उसकी मां, मनीषा ने बताया कि इशांक ने महज तीन वर्ष की उम्र से तैराकी शुरू कर दी थी और उसकी रुचि हमेशा से लंबी दूरी की तैराकी में रही।

उन्होंने बताया कि पाक जलडमरूमध्य तैरकर पार करने के लिए इशांक पिछले छह महीनों से धुर्वा बांध में अभ्यास कर रहा था। शहर के एक निजी अस्पताल का प्रबंधन देखने वाली मनीषा ने कहा, ”इतनी छोटी उम्र में भी वह रोज सात से आठ घंटे पानी में बिताता था। इसी समर्पण ने इस उपलब्धि को मुमकिन बनाया।” इशांक शुक्रवार शाम को रांची लौटा। उसने कहा, ”मैं तैराकी में लगातार सुधार करते हुए और उपलब्धियां हासिल करना चाहता हूं। मेरा सपना पाक जलडमरूमध्य को दो तरफा तैरकर पार करने का है।”

झारखंड के जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के तीसरी कक्षा के छात्र इशांक को इस उपलब्धि के लिए ‘यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम’ ( यूआरएफ) ने ‘सबसे कम उम्र और सबसे तेज पाक स्ट्रेट तैराक’ का खिताब दिया है। वहीं, थेनी स्थित ओपन वाटर स्विमिंग अकादमी ने उसे ‘2026 ओडब्ल्यूएटएसएटी विश्व रिकॉर्ड’ से सम्मानित किया है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी इसी स्कूल से पढ़ाई की थी। इशांक के कोच अमन कुमार जायसवाल और बजरंग कुमार के अनुसार, इशांक ने बचपन से ही असाधारण प्रतिभा दिखाई। उन्होंने बताया कि पिछला रिकॉर्ड तमिलनाडु के जय जसवंत के नाम था।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इशांक को बधाई देते हुए उसकी उपलब्धि को ”अनुशासन और अटूट समर्पण का एक उल्लेखनीय उदाहरण” बताया। स्कूल के प्रधानाध्यापक बीएन झा ने कहा, ”इतनी कम उम्र में इशांक का साहस और दृढ़ संकल्प वास्तव में प्रेरणादायक है। उसने स्कूल, राज्य और राष्ट्र को गौरवान्वित किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button