खड़गे बोले, PM-HM ने चुप्पी साधी, अब कुर्सी बचाने के लिए लाया गया Anti-Paper Leak Bill

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर बोलते हुए कहा कि NEET का पेपर लीक होने के बाद कई मासूम छात्रों और उनके माता-पिता को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि हम ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ का स्वागत करते हैं, लेकिन यह काफ़ी नहीं है। केंद्र सरकार को देश में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए। यह बिल हमारे छात्रों के सामने मौजूद संकट का समाधान नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक की वजह से बहुत से बेगुनाह लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस नए बिल से कुछ नहीं होने वाला है क्योंकि पुराने कानून में बस कुछ डेटा ही बदला गया है। भारी जुर्माना, कड़ी सज़ा, स्पेशल टास्क फोर्स और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान तो किए गए हैं, लेकिन असल में कुछ नहीं बदलेगा। असली बदलाव तभी आएगा जब परीक्षा कराने के तरीके में बदलाव होगा। इस बिल में कुछ भी नया नहीं है। हमने 2024 में ही एक कड़े कानून की मांग की थी, लेकिन हमारी मांग ठुकरा दी गई थी।
खड़गे ने कहा कि ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक’ सड़कों पर उतरे युवाओं को शांत करने के लिए लाया गया है, न कि पेपर लीक की समस्या को हल करने के लिए। आपने अभी ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026’ में सिर्फ़ आंकड़ों में बदलाव किया है, जो यहाँ चर्चा के लिए आया है। इस बिल में सिर्फ़ आंकड़े ही बदलते रहे। इससे कुछ नहीं होने वाला। आपने ज़्यादा जुर्माना, सख़्त सज़ा, स्पेशल टास्क फ़ोर्स, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान शामिल किए हैं। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि फ़र्क इस बात से पड़ेगा कि आप यह परीक्षा कैसे आयोजित करते हैं और बिना पेपर लीक हुए तैयारी कैसे करते हैं; सब इसी पर निर्भर करता है… ऐसा मज़बूत क़ानून लाने की मांग हमने 2024 में ही की थी। लेकिन तब आपने हमारी बात नहीं मानी। और आपने अपने भाषण में कहा कि आप लोग सहमत नहीं थे। लेकिन हम बार-बार आपसे ऐसा मज़बूत क़ानून बनाने के लिए कहते रहे। पर आपने ऐसा नहीं किया। जो काम आप दो साल बाद कर रहे हैं, उसे आपने 2024 में ही क्यों नहीं किया?



