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अखिलेश यादव का निर्वाचन आयोग पर बड़ा हमला, बोले- ‘चुनाव में हेरफेर की हो रही है बड़ी साजिश’

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समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए चुनाव में हेरफेर की साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू करने की मांग की।

अखिलेश यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकारियों के खिलाफ हाल में की गई कार्रवाई से उनकी पार्टी की चिंताएं दूर नहीं होंगी। उन्होंने आगामी चुनावों के मद्देनजर लगातार सतर्क रहने पर जोर दिया।

‘छोटी कार्रवाइयों के पीछे हो सकती है बड़ी साजिश’

उन्होंने कहा, “अब निर्वाचन आयोग जागा है और अपनी निष्पक्षता दिखाने के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। लेकिन हमें इससे तसल्ली नहीं मिलेगी, हमें बहुत सतर्क रहना होगा। क्या इन छोटी कार्रवाइयों के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है, जिसे हम पहचान नहीं पा रहे हैं? वरना बाद में हम यही कहते रह जाएंगे कि देखिए, क्या हो गया।”

विधान परिषद चुनाव की मतगणना पर उठाए सवाल

उन्होंने हालिया विधान परिषद चुनावों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया, “विधान परिषद चुनावों की मतगणना के दौरान मतपेटियों के अंदर बिना मुड़े हुए मतपत्र कैसे मिल सकते हैं? क्या किसी ने सोचा भी होगा कि मतपेटियों के अंदर खुले हुए, बिना मुड़े हुए मतपत्र मिलेंगे? ऐसा किसने किया होगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन या चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा होना मुमकिन नहीं है।

निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। लेकिन हमने जो देखा है, उससे लगता है कि उसने अपनी विश्वसनीयता खो दी है।”

मतदाता सूची और ‘घुसपैठिए’ के मुद्दे पर घेरा

सपा प्रमुख ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस दौरान पात्र मतदाताओं, खासकर सपा समर्थकों को निशाना बनाया गया। 2022 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि 2019 में मतदान करने वाले कई लोगों के नाम 2022 की सूची से गायब थे।

भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने सवाल किया कि सत्ताधारी दल किसे ‘घुसपैठिया’ मानता है? उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनाव नजदीक आते ही घुसपैठियों का मुद्दा फिर से उठाया जा रहा है। भाजपा को साफ करना चाहिए कि घुसपैठिये कौन हैं?” चीन का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि अगर चीन भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है, तो क्या उन्हें घुसपैठिया नहीं कहा जाएगा?

आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन की मांग

अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाता सूची संशोधन का इस्तेमाल चुनिंदा लोगों के नाम हटाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे, लेकिन हमें उन ‘प्रीपेड’ पार्टियों और नेताओं से भी सावधान रहना होगा, जिन्हें ‘ओटीपी’ (निर्देश) कहीं और से मिलते हैं।”

अंत में, उन्होंने मांग रखी कि फर्जीवाड़े और असली मतदाताओं के नाम हटने से रोकने के लिए मतदाता सूची को आधार (Aadhaar) से जोड़ा जाए और मतदान प्रक्रिया में बायोमेट्रिक सत्यापन लागू किया जाए।

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