अंतरराष्ट्रीय
Vishwakhabram : France में Macron के खिलाफ विद्रोह जैसे हालात, पूरे यूरोप में फैल सकती है जनाक्रोश की आग!

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फ्रांस इन दिनों गंभीर राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। महंगाई, बढ़ती ऊर्जा कीमतों, वेतन में ठहराव और बदहाल सार्वजनिक सेवाओं से नाराज श्रमिकों और छात्रों के आंदोलन ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले सप्ताह प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और लूटपाट के बाद अब शनिवार को फिर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन की आशंका है। हालात इतने तनावपूर्ण हैं कि कारोबारियों, संग्रहालयों और कला आयोजनों तक को बंद रखने की तैयारी करनी पड़ रही है। मैक्रों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ हिंसा पर काबू पाना नहीं, बल्कि उस जनाक्रोश को थामना है, जो उनकी सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर सीधे सवाल खड़े कर रहा है।
सड़कों पर सरकार को सीधी चुनौती
हम आपको बता दें कि फ्रांस के प्रमुख छात्र संगठन UNEF ने शनिवार को प्रदर्शनों का आह्वान किया है। वहीं, 2018 में उभरे सरकार-विरोधी येलो वेस्ट आंदोलन ने मध्य पेरिस में मार्च निकालने की योजना बनाई है। हम आपको याद दिला दें कि छात्र आंदोलन की शुरुआत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और जर्जर सुविधाओं के विरोध से हुई थी, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ती जीवन-यापन लागत, वेतन, बजट कटौती और सार्वजनिक सेवाओं की गिरती गुणवत्ता तक फैल चुका है।
हम आपको बता दें कि फ्रांस के प्रमुख छात्र संगठन UNEF ने शनिवार को प्रदर्शनों का आह्वान किया है। वहीं, 2018 में उभरे सरकार-विरोधी येलो वेस्ट आंदोलन ने मध्य पेरिस में मार्च निकालने की योजना बनाई है। हम आपको याद दिला दें कि छात्र आंदोलन की शुरुआत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और जर्जर सुविधाओं के विरोध से हुई थी, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ती जीवन-यापन लागत, वेतन, बजट कटौती और सार्वजनिक सेवाओं की गिरती गुणवत्ता तक फैल चुका है।



