दहेज की हवस: 10 लाख कैश और 7 लाख के जेवर देने के बाद भी दुधमुंही बच्ची संग बहू को घर से निकाला

समाज में दहेज की हवस किस कदर इंसानियत को कुचल रही है, इसकी एक ताजा मामला हरदोई जिले में देखने को मिली है। शादी में 10 लाख रुपये नकद और 7 लाख रुपये के कीमती जेवर देने के बावजूद ससुरालियों का पेट नहीं भरा। कार की मांग पूरी न होने पर उन्होंने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए रात के अंधेरे में एक मां और उसकी दुधमुंही बच्ची को घर से बाहर धक्के देकर भगा दिया। इ मामले में पुलिस ने पति समेत 6 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला हरदोई जिले की बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र का है। यहां के भैनगांव की रहने वाली पूजा की शादी 18 फरवरी 2022 को सीतापुर कोतवाली शहर की बैजनाथ कॉलोनी सिविल लाइन निवासी दिनकर शुक्ला पुत्र कमलेश कुमार शुक्ला के साथ हुई थी। पूजा के पिता ने अपनी सामर्थ्य के मुताबिक शादी में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। विदाई में करीब 10 लाख रुपये नकद और 7 लाख रुपये के जेवर दिए गए थे।
शादी के कुछ दिन बाद से ही पति और उसके घरवाले कार की मांग को लेकर पूजा का मानसिक और शारीरिक शोषण करने लगे। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर ससुराली न केवल उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसे खाने देने के लिए प्रताड़ित करने लगे।
आधी रात को बच्ची समेत घर से निकाला
21 अप्रैल की रात करीब 10 बजे ससुरालियों ने सारी हदें पार कर दीं। पूजा को बुरी तरह पीटा गया और फिर उस अंधेरी रात में उसकी दुधमुंही बच्ची समेत उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। ठंड और डर के मारे कांपती हुई पीड़िता ने जैसे-तैसे अपनी और अपनी मासूम बच्ची की जान बचाई और पुलिस की शरण ली।
पति समेत 6 लोगों पर केस दर्ज
बेनीगंज कोतवाली पुलिस ने पीड़िता पूजा की तहरीर पर तुरंत एक्शन लेते हुए पति दिनकर शुक्ला, ससुर कमलेश कुमार शुक्ला, सास अर्चना शुक्ला, जेठ मधुकर शुक्ला, जेठानी रानी शुक्ला और प्रखर शुक्ला के खिलाफ दहेज अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



