दिल्ली

साइप्रस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा समाप्त : दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी का किया ऐलान, कई अहम मुद्दों पर रहा फोकस

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साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स का भारत का दौरा शनिवार को खत्म हुआ। इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने की घोषणा की। साइप्रस के राष्ट्रपति का ये दौरा 20 से लेकर 23 मई तक का था। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए।

इस दौरे को नई दिल्ली और निकोसिया के बीच कूटनीति, व्यापार, शिक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है। भारत यात्रा के समापन की जानकारी देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, “एक सफल और सार्थक यात्रा का समापन हुआ। राजकीय यात्रा के बाद राष्ट्रपति नई दिल्ली से रवाना हुए। उन्हें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने विदाई दी। इस यात्रा ने भारत–साइप्रस संबंधों को नई मजबूती दी और द्विपक्षीय रिश्तों को ‘स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाकर एक नए अध्याय की शुरुआत की।

शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने साइप्रस के साथ भारत की साझेदारी को मजबूत और भविष्य उन्मुख बताया, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति क्रिस्टोडुलाइड्स के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों को देखते हुए रिश्तों को ‘स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’ में बदलने का फैसला किया गया है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत से कई खास नतीजे निकले, जिनमें काउंटर-टेररिज्म पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप (जेडब्ल्यूजी) बनाने पर समझौता, सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और साइप्रस की डिप्लोमैटिक एकेडमी के बीच सहयोग के साथ ही उच्च शिक्षा और रिसर्च में सहयोग शामिल हैं। वैश्विक व्यापार, कनेक्टिविटी को नया आकार देने में आईएमईसी की क्षमता पर चर्चा हुई।

इसके साथ पूर्वी मेडिटेरेनियन और बड़े मिडिल ईस्ट में स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ भारत से बड़े मिडिल ईस्ट होते हुए यूरोप तक गहरे संपर्क और इंटरकनेक्शन के कॉरिडोर को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कनेक्टिविटी डायलॉग शुरू करने के संदर्भ में आईएमईसी पर चर्चा हुई। आईएमईसी में दो अलग-अलग कॉरिडोर होंगे, ईस्ट कॉरिडोर भारत को गल्फ से जोड़ेगा और नॉर्दर्न कॉरिडोर गल्फ को यूरोप से जोड़ेगा।

इस कॉरिडोर का मकसद कनेक्टिविटी बढ़ाना, एफिशिएंसी बढ़ाना, कॉस्ट कम करना, क्षेत्रीय सप्लाई चेन को सुरक्षित करना, व्यापार एक्सेसिबिलिटी बढ़ाना और नौकरी पैदा करना है; इससे एशिया यूरोप और मिडिल ईस्ट का ट्रांसफॉर्मेटिव इंटीग्रेशन होगा।

दोनों देशों के बीच अगले पांच वर्षों में निवेश दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अगले साल से साइप्रस में चालू हो जाएगा। इससे यूरोप में देश के डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम का एक और बड़ा विस्तार होगा। यात्रा के दौरान एक अनौपचारिक और गर्मजोशी भरा पल भी देखने को मिला, जब क्रिस्टोडुलाइड्स और प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में सेल्फी ली।

इस तस्वीर को साझा करते हुए क्रिस्टोडुलाइड्स ने पीएम मोदी को “प्रिय मित्र नरेंद्र” कहते हुए भारत की मेहमाननवाजी के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने नई दिल्ली स्थित राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की और इसके बाद राजधानी में आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

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